भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर तेज हुई बातचीत, टैरिफ विवाद बरकरार

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिका की ओर से वरिष्ठ अधिकारी और राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि वे अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एम्बेसडर ग्रीर के भारत आगमन का इंतजार कर रहे हैं, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को आगे बढ़ाया जा सके।
भारत ने साफ किया अपना रुख
20 जून को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि देश किसी भी ट्रेड डील को केवल तभी स्वीकार करेगा, जब उससे भारत को अन्य देशों की तुलना में स्पष्ट और ठोस लाभ मिले। उन्होंने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। गोयल के अनुसार, समझौते का ढांचा पहले ही तैयार हो चुका है और अधिकांश बिंदुओं पर सहमति भी बन चुकी है, लेकिन टैरिफ यानी आयात-निर्यात शुल्क को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।
टैरिफ बना सबसे बड़ा अड़ंगा
बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का फ्रेमवर्क पहले ही फाइनल किया जा चुका है और इसकी घोषणा भी हो चुकी है। हालांकि बाद में टैरिफ से जुड़ी कानूनी और नीतिगत जटिलताएं सामने आईं, जिसके कारण समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। उन्होंने कहा कि जब तक भारत को इस समझौते से वास्तविक आर्थिक लाभ नहीं दिखता, तब तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू नहीं किया जाएगा।

भारत बढ़ा रहा है वैश्विक व्यापार नेटवर्क
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार अपने वैश्विक व्यापार संबंधों का विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भारत ने 38 देशों के साथ 9 महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड समझौते किए हैं। इससे भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर अवसर मिले हैं और निवेश को भी बढ़ावा मिला है।
विकास और किसानों पर भी फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार केवल व्यापार समझौतों पर ही नहीं बल्कि किसानों और उद्योगों के हितों की रक्षा पर भी ध्यान दे रही है। फर्टिलाइजर सब्सिडी जैसी योजनाएं जारी हैं और नई आर्थिक रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।